Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.284.45: ये सभी नदियाँ छह प्रकार के भोजनों से भरी हुई थीं। गुड़ के रस की छोटी-छोटी सुंदर नहरें दिखाई दे रही थीं। तरह-तरह के फलों के गूदे और तरह-तरह की खाने-पीने की चीज़ें मौजूद थीं। | mahabharat अध्याय 12.284: पार्वतीके रोष एवं खेदका निवारण करनेके लिये भगवान् शिवके द्वारा दक्षयज्ञका विध्वंस, दक्षद्वारा किये हुए शिवसहस्रनामस्तोत्रसे संतुष्ट होकर महादेवजीका उन्हें वरदान देना तथा इस स्तोत्रकी महिमा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये सभी नदियाँ छह प्रकार के भोजनों से भरी हुई थीं। गुड़ के रस की छोटी-छोटी सुंदर नहरें दिखाई दे रही थीं। तरह-तरह के फलों के गूदे और तरह-तरह की खाने-पीने की चीज़ें मौजूद थीं।
All these rivers were flowing with the six tastes of food. Small beautiful canals of jaggery juice were visible. Pulps of various kinds of fruits and various types of edible items were presented.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥