Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.284.3: वैशम्पायन जी बोले, 'प्राचीन काल की बात है, हिमालय के पार्श्व में स्थित गंगाद्वार (हरिद्वार) की पावन भूमि पर, जहाँ ऋषि-मुनि और सिद्ध पुरुष निवास करते हैं, प्रजापति दक्ष ने अपना यज्ञ आयोजित किया था। | mahabharat अध्याय 12.284: पार्वतीके रोष एवं खेदका निवारण करनेके लिये भगवान् शिवके द्वारा दक्षयज्ञका विध्वंस, दक्षद्वारा किये हुए शिवसहस्रनामस्तोत्रसे संतुष्ट होकर महादेवजीका उन्हें वरदान देना तथा इस स्तोत्रकी महिमा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन जी बोले, 'प्राचीन काल की बात है, हिमालय के पार्श्व में स्थित गंगाद्वार (हरिद्वार) की पावन भूमि पर, जहाँ ऋषि-मुनि और सिद्ध पुरुष निवास करते हैं, प्रजापति दक्ष ने अपना यज्ञ आयोजित किया था।
Vaishmpayana said, 'It is a story of ancient times, in the auspicious land of Gangadwar (Haridwar) situated on the side of the Himalayas, where the sages and accomplished men reside, Prajapati Daksha had organised his yajna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥