वह मन में जो कुछ भी चिन्तन करता है अथवा वाणी से जो कुछ भी प्रार्थना करता है, इस स्तोत्र का बार-बार पाठ करने से उसकी सभी इच्छाएँ पूर्ण हो जाती हैं ॥200॥
Whatever he contemplates about in his mind or whatever he prays for with his words, all his desires are fulfilled by repeatedly reciting this hymn. ॥200॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥