Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.284.150-153: आप अधर्म का नाश करने वाले, महापार्श्व, चन्द्रधर, गणाधिप, गोनर्द, गौओं को विघ्नों से बचाने वाले, नन्दी पर सवार, त्रैलोक्य के रक्षक, गोविन्द (श्रीकृष्ण के रूप में), गोमार्ग (इन्द्रियों को वश में करने वाले), आमर्ग (इन्द्रियों के लिए अगोचर), श्रेष्ठ, स्थिर, अचल, निर्भय, काँपने वाले, दुर्वरण (जिनका सामना करना कठिन हो), दुर्विषह (जिनका असहनीय वेग हो), दुःसह, दुर्लिंग, दुर्दर्ष, दुष्प्रकंप, दुर्विष, दुर्जय, जय, शश (तेज), शशांक (चन्द्रमा) और शमन (यमराज) हैं। आप ही गर्मी और सर्दी, भूख, बुढ़ापा और मानसिक चिंताओं को दूर करने वाले भी हैं। आप ही रोग को दूर करने वाले और उसका निवारण करने वाले हैं। 150-153॥ | mahabharat अध्याय 12.284: पार्वतीके रोष एवं खेदका निवारण करनेके लिये भगवान् शिवके द्वारा दक्षयज्ञका विध्वंस, दक्षद्वारा किये हुए शिवसहस्रनामस्तोत्रसे संतुष्ट होकर महादेवजीका उन्हें वरदान देना तथा इस स्तोत्रकी महिमा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आप अधर्म का नाश करने वाले, महापार्श्व, चन्द्रधर, गणाधिप, गोनर्द, गौओं को विघ्नों से बचाने वाले, नन्दी पर सवार, त्रैलोक्य के रक्षक, गोविन्द (श्रीकृष्ण के रूप में), गोमार्ग (इन्द्रियों को वश में करने वाले), आमर्ग (इन्द्रियों के लिए अगोचर), श्रेष्ठ, स्थिर, अचल, निर्भय, काँपने वाले, दुर्वरण (जिनका सामना करना कठिन हो), दुर्विषह (जिनका असहनीय वेग हो), दुःसह, दुर्लिंग, दुर्दर्ष, दुष्प्रकंप, दुर्विष, दुर्जय, जय, शश (तेज), शशांक (चन्द्रमा) और शमन (यमराज) हैं। आप ही गर्मी और सर्दी, भूख, बुढ़ापा और मानसिक चिंताओं को दूर करने वाले भी हैं। आप ही रोग को दूर करने वाले और उसका निवारण करने वाले हैं। 150-153॥
You are the destroyer of unrighteousness, Mahaparshva, Chanddhar, Ganadhip, Gonard, protector of cows from obstacles, rider of Nandi, protector of Trailokya, Govind (in the form of Shri Krishna), Gomarg (controller of the senses), Amarg (imperceptible to the senses), superior, stable, stable, fearless, trembling, Durvarana (those who are difficult to face), Durvishah (who has unbearable speed), There are Duhsah, Durlingh, Durdarsh, Dushprakamp, Durvish, Durjay, Jai, Shash (swift), Shashank (Moon) and Shaman (Yamraj). You are also the one who removes heat and cold, hunger, old age and mental worries. You are the one who cures the disease and cures it. 150-153॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥