श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 284: पार्वतीके रोष एवं खेदका निवारण करनेके लिये भगवान् शिवके द्वारा दक्षयज्ञका विध्वंस, दक्षद्वारा किये हुए शिवसहस्रनामस्तोत्रसे संतुष्ट होकर महादेवजीका उन्हें वरदान देना तथा इस स्तोत्रकी महिमा  »  श्लोक 139
 
 
श्लोक  12.284.139 
मृत्यु: क्षुरश्च कृत्यश्च पक्षोऽपक्षक्षयंकर:।
मेघकालो महादंष्ट्र: संवर्तकबलाहक:॥ १३९॥
 
 
अनुवाद
आप मृत्यु, क्षुर (भेदने का अस्त्र), कृत्या (भेदने योग्य), पक्ष (मित्र) और अपक्ष-क्षयंकर (शत्रु का नाश करने वाले) भी हैं। आप मेघ के समान काले हैं, बड़ी-बड़ी दाढ़ी वाले हैं और प्रलय के मेघ हैं।
 
You are also death, Kshur (weapon for piercing), Krutya (one who can be pierced), Paksha (friend) and Apaksha-Kshayamkar (one who destroys the enemy). You are black like a cloud, have big beards and are the cloud of doomsday.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)