Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.284.106: आपके केश गंगा की लहरों से चिन्हित हैं और मुंज के समान हैं। आपको नमस्कार है। आप ब्राह्मणों के छह कर्तव्यों - अध्ययन और अध्यापन, यज्ञ और दान तथा दान ग्रहण - से संतुष्ट रहते हैं; आप स्वयं केवल तीन कर्तव्यों - पूजन, अध्ययन और दान - में ही तत्पर रहते हैं। मैं आपको नमस्कार करता हूँ। | mahabharat अध्याय 12.284: पार्वतीके रोष एवं खेदका निवारण करनेके लिये भगवान् शिवके द्वारा दक्षयज्ञका विध्वंस, दक्षद्वारा किये हुए शिवसहस्रनामस्तोत्रसे संतुष्ट होकर महादेवजीका उन्हें वरदान देना तथा इस स्तोत्रकी महिमा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आपके केश गंगा की लहरों से चिन्हित हैं और मुंज के समान हैं। आपको नमस्कार है। आप ब्राह्मणों के छह कर्तव्यों - अध्ययन और अध्यापन, यज्ञ और दान तथा दान ग्रहण - से संतुष्ट रहते हैं; आप स्वयं केवल तीन कर्तव्यों - पूजन, अध्ययन और दान - में ही तत्पर रहते हैं। मैं आपको नमस्कार करता हूँ।
Your hair is marked by the waves of the Ganges and is like Munja. Salutations to you. You are satisfied with the six duties of Brahmins- study and teaching, offering of sacrifices and donations and receiving gifts; you yourself are devoted to only three duties- worship, study and donation. I salute you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥