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mahabharat 12.283.56: धर्मज्ञ भारतनन्दन! सिंहों में थकान को ज्वर कहते हैं; किन्तु मनुष्यों में यह ज्वर के नाम से ही जाना जाता है।   |   mahabharat अध्याय 12.283: शिवजीद्वारा दक्षयज्ञका भंग और उनके क्रोधसे ज्वरकी उत्पत्ति तथा उसके विविध रूप   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 283: शिवजीद्वारा दक्षयज्ञका भंग और उनके क्रोधसे ज्वरकी उत्पत्ति तथा उसके विविध रूप  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  12.283.56 
शार्दूलेष्वथ धर्मज्ञ श्रमो ज्वर इहोच्यते।
मानुषेषु तु धर्मज्ञ ज्वरो नामैष भारत॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
धर्मज्ञ भारतनन्दन! सिंहों में थकान को ज्वर कहते हैं; किन्तु मनुष्यों में यह ज्वर के नाम से ही जाना जाता है।
 
Dharmajnya Bharatanandan! Fatigue in lions is called fever; but among humans it is known by the name of fever.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)