vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 12: शान्ति पर्व
»
अध्याय 283: शिवजीद्वारा दक्षयज्ञका भंग और उनके क्रोधसे ज्वरकी उत्पत्ति तथा उसके विविध रूप
»
श्लोक 56
श्लोक
12.283.56
शार्दूलेष्वथ धर्मज्ञ श्रमो ज्वर इहोच्यते।
मानुषेषु तु धर्मज्ञ ज्वरो नामैष भारत॥ ५६॥
अनुवाद
धर्मज्ञ भारतनन्दन! सिंहों में थकान को ज्वर कहते हैं; किन्तु मनुष्यों में यह ज्वर के नाम से ही जाना जाता है।
Dharmajnya Bharatanandan! Fatigue in lions is called fever; but among humans it is known by the name of fever.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×