Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.283.39-40h: हे महात्मन! उस समय उस अग्नि से एक नाटा पुरुष उत्पन्न हुआ, जिसकी आँखें अत्यंत लाल थीं। उसकी दाढ़ी और मूँछ के बाल भूरे रंग के थे। वह देखने में अत्यंत भयानक प्रतीत हो रहा था। 39 1/2 | mahabharat अध्याय 12.283: शिवजीद्वारा दक्षयज्ञका भंग और उनके क्रोधसे ज्वरकी उत्पत्ति तथा उसके विविध रूप । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे महात्मन! उस समय उस अग्नि से एक नाटा पुरुष उत्पन्न हुआ, जिसकी आँखें अत्यंत लाल थीं। उसकी दाढ़ी और मूँछ के बाल भूरे रंग के थे। वह देखने में अत्यंत भयानक प्रतीत हो रहा था। 39 1/2
O great man! At that time a short man was born from that fire, whose eyes were very red. The hair of his beard and moustache were brown in colour. He appeared very scary to look at. 39 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥