श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 283: शिवजीद्वारा दक्षयज्ञका भंग और उनके क्रोधसे ज्वरकी उत्पत्ति तथा उसके विविध रूप  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  12.283.26 
महेश्वर उवाच
सुरैरेव महाभागे पूर्वमेतदनुष्ठितम्।
यज्ञेषु सर्वेषु मम न भाग उपकल्पित:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
महेश्वर बोले - हे महामुने! देवताओं ने तो पहले ही ऐसा निश्चय कर लिया था। उन्होंने किसी भी यज्ञ में मेरे लिए कोई भाग निश्चित नहीं किया था।
 
Maheshwar said - O great one! The gods had decided so earlier. They did not fix any share for me in any of the sacrifices.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)