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श्लोक  12.283.18 
स एवं भगवांस्तत्र पूज्यमान: सुरर्षिभि:।
देवैश्च सुमहातेजा महादेवो व्यतिष्ठत॥ १८॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार देवताओं और ऋषियों द्वारा पूजित होकर महाबली भगवान महादेव वहाँ सदा के लिए निवास करने लगे।
 
In this manner, being worshipped by the Gods and sages, the mighty Lord Mahadeva resided there forever.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)