श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 283: शिवजीद्वारा दक्षयज्ञका भंग और उनके क्रोधसे ज्वरकी उत्पत्ति तथा उसके विविध रूप  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.283.1 
युधिष्ठिर उवाच
पितामह महाप्राज्ञ सर्वशास्त्रविशारद।
अस्मिन् वृत्रवधे देव विवक्षा मम जायते॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - हे महाज्ञानी पितामह, सम्पूर्ण शास्त्रों के ज्ञाता! भगवन्! इस स्त्री-हत्या के विषय में मुझे कुछ पूछने का मन हो रहा है। 1॥
 
Yudhishthir asked – Great wise grandfather, adept in the knowledge of complete scriptures! God! I feel like asking something regarding this murder of women. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)