Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.282.45: अप्सराएँ बोलीं - हे पितामह! आपकी अनुमति से हमने इस ब्रह्महत्या को स्वीकार करने का निश्चय किया है, किन्तु कृपया इससे हमारी मुक्ति का समय भी विचार करें ॥ 45॥ | mahabharat अध्याय 12.282: वृत्रासुरका वध और उससे प्रकट हुई ब्रह्महत्याका ब्रह्माजीके द्वारा चार स्थानोंमें विभाजन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अप्सराएँ बोलीं - हे पितामह! आपकी अनुमति से हमने इस ब्रह्महत्या को स्वीकार करने का निश्चय किया है, किन्तु कृपया इससे हमारी मुक्ति का समय भी विचार करें ॥ 45॥
The Apsaras said - O great grandfather! With your permission we have decided to accept this act of brahminicide, but kindly also consider the time of our release from it. ॥ 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥