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श्लोक  12.282.44 
इयमिन्द्रादनुप्राप्ता ब्रह्मवध्या वराङ्गना:।
चतुर्थमस्या भागांशं मयोक्ता: सम्प्रतीच्छत॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
हे सुंदरी देवियों! यह ब्रह्महत्या इंद्र के कारण हुई है। आप सब मेरे आदेशानुसार इसका एक चौथाई भाग ग्रहण करें।'
 
'Beautiful ladies! This Brahmahatya has come from Indra. You all please accept one fourth of it as per my instructions.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)