Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.282.42: भीष्मजी कहते हैं - राजन! महात्मा ब्रह्माजी की यह बात सुनकर वृक्ष, औषधियाँ और घास-फूस सब उसी प्रकार शीघ्रता से लौट गये, जैसे वे उनकी पूजा करके आये थे। | mahabharat अध्याय 12.282: वृत्रासुरका वध और उससे प्रकट हुई ब्रह्महत्याका ब्रह्माजीके द्वारा चार स्थानोंमें विभाजन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्मजी कहते हैं - राजन! महात्मा ब्रह्माजी की यह बात सुनकर वृक्ष, औषधियाँ और घास-फूस सब उसी प्रकार शीघ्रता से लौट गये, जैसे वे उनकी पूजा करके आये थे।
Bhishmaji says - King! Upon hearing Mahatma Brahma say this, the trees, medicinal herbs and grass all returned as quickly as they had come after worshipping him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥