Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.282.31: ब्रह्माजी ने कहा- अग्निदेव! मैं इस ब्रह्महत्या को अनेक भागों में विभाजित करके इन्द्र को उसके पापों से मुक्त कर दूँगा। आप भी इसका एक चौथाई भाग ले सकते हैं॥31॥ | mahabharat अध्याय 12.282: वृत्रासुरका वध और उससे प्रकट हुई ब्रह्महत्याका ब्रह्माजीके द्वारा चार स्थानोंमें विभाजन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्माजी ने कहा- अग्निदेव! मैं इस ब्रह्महत्या को अनेक भागों में विभाजित करके इन्द्र को उसके पापों से मुक्त कर दूँगा। आप भी इसका एक चौथाई भाग ले सकते हैं॥31॥
Brahma said- Agnidev! I will divide this brahmahatya into many parts to free Indra from his sins. You can also take one fourth of it.॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥