Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.282.27: हे धर्म के ज्ञाता और सम्पूर्ण लोकों के स्वामी प्रभु! आपकी कृपा होने पर मैं इन्द्र को छोड़कर चला जाऊँगा; परन्तु मेरे रहने के लिए कोई स्थान निश्चित कर दीजिए॥ 27॥ | mahabharat अध्याय 12.282: वृत्रासुरका वध और उससे प्रकट हुई ब्रह्महत्याका ब्रह्माजीके द्वारा चार स्थानोंमें विभाजन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे धर्म के ज्ञाता और सम्पूर्ण लोकों के स्वामी प्रभु! आपकी कृपा होने पर मैं इन्द्र को छोड़कर चला जाऊँगा; परन्तु मेरे रहने के लिए कोई स्थान निश्चित कर दीजिए॥ 27॥
O Lord, the knower of Dharma and the Lord of all the worlds! When you are pleased, I will leave Indra and go away; but please arrange a place for me to live.॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥