Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.282.21-22h: भरतसत्तम! यह जानकर कि इन्द्र को श्रेष्ठ ब्राह्मण की हत्या से उत्पन्न हुई ब्रह्महत्या ने पकड़ लिया है, ब्रह्मा जी सोचने लगे ॥21 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.282: वृत्रासुरका वध और उससे प्रकट हुई ब्रह्महत्याका ब्रह्माजीके द्वारा चार स्थानोंमें विभाजन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ज्ञात्वा गृहीतं शक्रं स द्विजप्रवरवध्यया॥ २१॥
ब्रह्मा स चिन्तयामास तदा भरतसत्तम।
अनुवाद
भरतसत्तम! यह जानकर कि इन्द्र को श्रेष्ठ ब्राह्मण की हत्या से उत्पन्न हुई ब्रह्महत्या ने पकड़ लिया है, ब्रह्मा जी सोचने लगे ॥21 1/2॥
Bharatsattam! Brahma ji started thinking after knowing that Indra has been caught by Brahmahatya which was born from the killing of a great Brahmin. 21 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥