Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.281.34: महेश्वर ने कहा- इन्द्र! यह महाबली वृत्रासुर विशाल सेना से घिरा हुआ तुम्हारे सामने खड़ा है। ज्ञान में तत्पर होने के कारण यह सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की आत्मा है। इसमें सर्वत्र जाने की शक्ति है। यह अनेक प्रकार की मायाओं का भी सुविख्यात ज्ञाता है॥34॥ | mahabharat अध्याय 12.281: इन्द्र और वृत्रासुरके युद्धका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महेश्वर ने कहा- इन्द्र! यह महाबली वृत्रासुर विशाल सेना से घिरा हुआ तुम्हारे सामने खड़ा है। ज्ञान में तत्पर होने के कारण यह सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की आत्मा है। इसमें सर्वत्र जाने की शक्ति है। यह अनेक प्रकार की मायाओं का भी सुविख्यात ज्ञाता है॥34॥
Maheshwara said- Indra! This great Vritrasura is standing in front of you surrounded by a huge army. Being devoted to knowledge, he is the soul of the whole universe. He has the power to go everywhere. He is also a well-known knower of many types of illusions. ॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥