| श्री महाभारत » पर्व 12: शान्ति पर्व » अध्याय 281: इन्द्र और वृत्रासुरके युद्धका वर्णन » श्लोक 16-17 |
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| | | | श्लोक 12.281.16-17  | पितामहपुरोगाश्च सर्वे देवगणास्तथा।
ऋषयश्च महाभागास्तद् युद्धं द्रष्टुमागमन्॥ १६॥
विमानाग्रॺै र्महाराज सिद्धाश्च भरतर्षभ।
गन्धर्वाश्च विमानाग्रॺै रप्सरोभि: समागमन्॥ १७॥ | | | | | | अनुवाद | | भरतभूषण महाराज! ब्रह्मा आदि सभी देवता, महाभाग ऋषि, सिद्धगण और गन्धर्व तथा अप्सराएँ - ये सभी उत्तम विमानों पर आरूढ़ होकर उस अद्भुत युद्ध का दृश्य देखने के लिए वहाँ आये थे ॥16-17॥ | | | | Bharatbhushan Maharaj! All the gods like Brahma, Mahabhaga sages, Siddhaganas and Gandharvas along with Apsaras - all of them mounted on the best planes had come there to see the scene of that wonderful war. 16-17॥ | | ✨ ai-generated | | |
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