Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.280.9: सभी प्राणी उनमें लीन होते हैं और उनसे ही निकलते हैं। शास्त्रों के ज्ञान, तप या यज्ञ से भी कोई उन्हें प्राप्त नहीं कर सकता। वे केवल इन्द्रियों को वश में करके ही प्राप्त किए जा सकते हैं।॥9॥ | mahabharat अध्याय 12.280: वृत्रासुरको सनत्कुमारका अध्यात्मविषयक उपदेश देना और उसकी परमगति तथा भीष्मद्वारा युधिष्ठिरकी शंकाका निवारण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सभी प्राणी उनमें लीन होते हैं और उनसे ही निकलते हैं। शास्त्रों के ज्ञान, तप या यज्ञ से भी कोई उन्हें प्राप्त नहीं कर सकता। वे केवल इन्द्रियों को वश में करके ही प्राप्त किए जा सकते हैं।॥9॥
‘All beings merge into them and emerge from them. No one can attain them even by the knowledge of scriptures, penance or sacrifices. They can be achieved only by controlling the senses.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥