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श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 280: वृत्रासुरको सनत्कुमारका अध्यात्मविषयक उपदेश देना और उसकी परमगति तथा भीष्मद्वारा युधिष्ठिरकी शंकाका निवारण  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  12.280.56 
इत्येतदाख्यातमहीनसत्त्व
नारायणस्येह बलं मया ते॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
हे श्रेष्ठ एवं पराक्रमी दैत्यराज! इस प्रकार मैंने आपसे भगवान नारायण की शक्ति और पराक्रम का वर्णन किया है॥ 56॥
 
'O excellent and powerful demon king! Thus have I described to you the power and power of Lord Narayana.'॥ 56॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)