Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.280.23: हे दानव! समस्त ग्रह उनकी दोनों भौहों के मध्य स्थित हैं। उनके नेत्रों से नक्षत्र प्रकट हुए हैं। हे दानवनंदन! यह पृथ्वी उनके दोनों चरणों के मध्य स्थित है। | mahabharat अध्याय 12.280: वृत्रासुरको सनत्कुमारका अध्यात्मविषयक उपदेश देना और उसकी परमगति तथा भीष्मद्वारा युधिष्ठिरकी शंकाका निवारण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे दानव! समस्त ग्रह उनकी दोनों भौहों के मध्य स्थित हैं। उनके नेत्रों से नक्षत्र प्रकट हुए हैं। हे दानवनंदन! यह पृथ्वी उनके दोनों चरणों के मध्य स्थित है।
'O demon! All the planets are situated between his two eyebrows. The constellations have appeared from his eyes. O Danu Nandan! This earth is situated between his two feet.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥