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mahabharat 12.28.15: कोई भी मनुष्य कभी भी बुढ़ापे और मृत्यु पर विजय नहीं पा सकता, चाहे वह समुद्र तक सम्पूर्ण पृथ्वी पर विजय क्यों न प्राप्त कर ले। 15.   |   mahabharat अध्याय 12.28: अश्मा ऋषि और जनकके संवादद्वारा प्रारब्धकी प्रबलता बतलाते हुए व्यासजीका युधिष्ठिरको समझाना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.28.15 
न कश्चिज्जात्वतिक्रामेज्जरामृत्यू हि मानव:।
अपि सागरपर्यन्तां विजित्येमां वसुन्धराम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
कोई भी मनुष्य कभी भी बुढ़ापे और मृत्यु पर विजय नहीं पा सकता, चाहे वह समुद्र तक सम्पूर्ण पृथ्वी पर विजय क्यों न प्राप्त कर ले। 15.
 
No human being can ever overcome old age and death, even if he conquers the entire earth up to the sea. 15.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)