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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 279: ब्रह्मकी प्राप्तिका उपाय तथा उस विषयमें वृत्र-शुक्र-संवादका आरम्भ
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श्लोक 31
श्लोक
12.279.31
ऐश्वर्यं वै महद् ब्रह्म वर्णे कस्मिन् प्रतिष्ठितम्।
निवर्तते चापि पुन: कथमैश्वर्यमुत्तमम्॥ ३१॥
अनुवाद
अणिमा, आदि ऐश्वर्य और महाद् ब्रह्मा किस वर्ण में प्रतिष्ठित हैं? और वह महान ऐश्वर्य किस प्रकार नष्ट हो जाता है? 31॥
In which Varna are Anima, Adi Aishwarya and Mahad Brahma established? And how does that great opulence get destroyed? 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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