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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 279: ब्रह्मकी प्राप्तिका उपाय तथा उस विषयमें वृत्र-शुक्र-संवादका आरम्भ
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श्लोक 29
श्लोक
12.279.29
वैकुण्ठ: पुरुषोऽनन्त: शुक्लो विष्णु: सनातन:।
मुञ्जकेशो हरिश्मश्रु: सर्वभूतपितामह:॥ २९॥
अनुवाद
वे भगवान वैकुण्ठ, पुरुष, अनन्त, शुक्ल, विष्णु, सनातन, मुंजकेश, हरिश्चंद्र और सम्पूर्ण भूतों के पिता हैं ॥29॥
He is the father of Lord Vaikuntha, Purusha, Anant, Shukla, Vishnu, Sanatan, Munjakesh, Harishmashru and all the ghosts. 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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