Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.279.25: मैं बहुत शक्तिशाली और पराक्रमी हो गया था, इसलिए मैंने अपने तेज से तीनों लोकों पर आक्रमण कर दिया और अन्य प्राणियों को धूल में मिला दिया तथा उनकी सुगंध और स्वाद आदि उपभोग की विभिन्न वस्तुएं छीन लीं। | mahabharat अध्याय 12.279: ब्रह्मकी प्राप्तिका उपाय तथा उस विषयमें वृत्र-शुक्र-संवादका आरम्भ । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं बहुत शक्तिशाली और पराक्रमी हो गया था, इसलिए मैंने अपने तेज से तीनों लोकों पर आक्रमण कर दिया और अन्य प्राणियों को धूल में मिला दिया तथा उनकी सुगंध और स्वाद आदि उपभोग की विभिन्न वस्तुएं छीन लीं।
I had become very powerful and powerful, so with my own brilliance I attacked the three worlds and reduced the other creatures to dust and took away their various things of consumption, such as fragrance and taste.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥