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एवं संसरमाणानि जीवान्यहमदृष्टवान्।
यथा कर्म तथा लाभ इति शास्त्रनिदर्शनम्॥ २०॥
अनुवाद
इस प्रकार मैंने सभी जीवों को जन्म-मरण के चक्र में फँसा हुआ देखा है। शास्त्रों में एक सिद्धांत है कि मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार फल मिलता है।
In this way I have seen all living beings caught in the cycle of birth and death. There is a principle in the scriptures that one gets the result as per one's deeds.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥