Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.279.17: काल के द्वारा प्रेरित होकर जीव अपने पापकर्मों के फलस्वरूप नरक में डूबने को विवश होते हैं और अपने पुण्यकर्मों के फल से वे सब स्वर्ग में जाकर वहाँ सुख भोगते हैं। ऐसा बुद्धिमान पुरुषों का कथन है॥17॥ | mahabharat अध्याय 12.279: ब्रह्मकी प्राप्तिका उपाय तथा उस विषयमें वृत्र-शुक्र-संवादका आरम्भ । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
काल के द्वारा प्रेरित होकर जीव अपने पापकर्मों के फलस्वरूप नरक में डूबने को विवश होते हैं और अपने पुण्यकर्मों के फल से वे सब स्वर्ग में जाकर वहाँ सुख भोगते हैं। ऐसा बुद्धिमान पुरुषों का कथन है॥17॥
The living beings, driven by time, are compelled to sink in hell as a result of their sinful deeds, and by the result of their good deeds, all of them go to heaven and enjoy bliss there. This is the statement of wise men.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥