Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.277.4: उसके पिता स्वाध्याय में तत्पर रहते थे, परन्तु मोक्ष धर्म में उतने पारंगत नहीं थे। पुत्र मोक्ष धर्म के ज्ञान में पारंगत था; इसलिए उसने अपने पिता से पूछा॥4॥ | mahabharat अध्याय 12.277: शरीर और संसारकी अनित्यता तथा आत्मकल्याणकी इच्छा रखनेवाले पुरुषके कर्तव्यका निर्देश—पिता-पुत्रका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके पिता स्वाध्याय में तत्पर रहते थे, परन्तु मोक्ष धर्म में उतने पारंगत नहीं थे। पुत्र मोक्ष धर्म के ज्ञान में पारंगत था; इसलिए उसने अपने पिता से पूछा॥4॥
His father was always devoted to self-study, but was not so proficient in the Dharma of Moksha. The son was proficient in the knowledge of the Dharma of Moksha; therefore, he asked his father.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥