Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.276.10: विद्वान पुरुष को सभी प्राणियों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। इससे वह कृतज्ञ और शुद्ध मन वाला हो जाता है तथा सभी दोषों का त्याग कर देता है। 10॥   |   mahabharat अध्याय 12.276: तृष्णाके परित्यागके विषयमें माण्डव्य मुनि और जनकका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 276: तृष्णाके परित्यागके विषयमें माण्डव्य मुनि और जनकका संवाद  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  12.276.10 
विद्वान् सर्वेषु भूतेषु आत्मना सोपमो भवेत्।
कृतकृत्यो विशुद्धात्मा सर्वं त्यजति चैव ह॥ १०॥
 
 
अनुवाद
विद्वान पुरुष को सभी प्राणियों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। इससे वह कृतज्ञ और शुद्ध मन वाला हो जाता है तथा सभी दोषों का त्याग कर देता है। 10॥
 
A learned man should treat all living beings equally. Due to this, he becomes grateful and pure in mind and gives up all the faults. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)