श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 275: जीवात्माके देहाभिमानसे मुक्त होनेके विषयमें नारद और असितदेवलका संवाद  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.275.8 
नोपपत्त्या न वा युक्त्या त्वसद् ब्रूयादसंशयम्।
वेत्थैतानभिनिर्वृत्तान् षडेते यस्य राशय:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
इन छहों के अतिरिक्त किसी भी अन्य सिद्धांत की व्याख्या किसी तर्क या प्रमाण से नहीं की जा सकती। अतः जो कोई अन्य बात कहता है, वह निःसंदेह मिथ्या है। तुम इन छहों सिद्धांतों को जान लो, जिनका पालन सभी कार्यों में किया जाता है और उन कार्यों के पीछे के कारण को भी जान लो। ॥8॥
 
No other principle can be explained by any logic or evidence except these six. Therefore, whoever says anything else is undoubtedly lying. You know these six principles which are followed in all actions and also the reason behind these actions. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)