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भीष्म उवाच
अत्रैवोदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
नारदस्य च संवादं देवलस्यासितस्य च॥ १॥
अनुवाद
भीष्मजी कहते हैं-युधिष्ठिर! इस संबंध में प्राचीन इतिहास के विद्वान देवर्षि नारद और ब्रह्मर्षि असितदेवल के संवाद के रूप में उदाहरण देते हैं। 1॥
Bhishmaji says – Yudhishthir! In this regard, learned men from ancient history give examples in the form of dialogues between Devarshi Narad and Brahmarshi Asitdeval. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥