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mahabharat 12.274.4: देखो, जो मार्ग पूर्व समुद्र की ओर जाता है, वह पश्चिम समुद्र की ओर नहीं जा सकता। इसी प्रकार मोक्ष का भी एक ही मार्ग है, मैं तुम्हें उसके विषय में विस्तारपूर्वक बताता हूँ, सुनो। ॥4॥   |   mahabharat अध्याय 12.274: मोक्षके साधनका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 274: मोक्षके साधनका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  12.274.4 
पूर्वे समुद्रे य: पन्था: स न गच्छति पश्चिमम्।
एक: पन्था हि मोक्षस्य तन्मे विस्तरत: शृणु॥ ४॥
 
 
अनुवाद
देखो, जो मार्ग पूर्व समुद्र की ओर जाता है, वह पश्चिम समुद्र की ओर नहीं जा सकता। इसी प्रकार मोक्ष का भी एक ही मार्ग है, मैं तुम्हें उसके विषय में विस्तारपूर्वक बताता हूँ, सुनो। ॥4॥
 
Look, the path that leads to the eastern sea cannot lead to the western sea. Similarly, there is only one path to salvation, I am telling you about it in detail, listen. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)