Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.274.12-13h: बुद्धि के द्वारा मन और वाणी को अर्थात् मन सहित समस्त इन्द्रियों को वश में कर, नेत्रों के द्वारा बुद्धि के विवेकरूप को वश में कर, फिर आत्मज्ञान के द्वारा विवेकरूप ज्ञान को वश में करके आत्मा को परमात्मा में लीन कर दे। इस प्रकार शुद्ध आचरण और विचारों वाला साधक सब पर विजय पाकर शांतिपूर्वक परमात्मा का साक्षात्कार कर ले। 12 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.274: मोक्षके साधनका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बुद्धि के द्वारा मन और वाणी को अर्थात् मन सहित समस्त इन्द्रियों को वश में कर, नेत्रों के द्वारा बुद्धि के विवेकरूप को वश में कर, फिर आत्मज्ञान के द्वारा विवेकरूप ज्ञान को वश में करके आत्मा को परमात्मा में लीन कर दे। इस प्रकार शुद्ध आचरण और विचारों वाला साधक सब पर विजय पाकर शांतिपूर्वक परमात्मा का साक्षात्कार कर ले। 12 1/2॥
Subdue the mind and speech, that is, all the senses including the mind, through the intellect, subdue the discriminating form of the intellect through the eyes, then subdue the discriminating knowledge through self-knowledge and merge the soul in God. In this way, a seeker with pure conduct and thoughts should overcome everything and peacefully encounter God. 12 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥