Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.274.11: आलस्य को उद्योग से और विपरीत तर्कों को शास्त्रों पर दृढ़ श्रद्धा से जीतो, अधिक बोलने की आदत को मौन से और भय को वीरता से त्याग दो॥11॥ | mahabharat अध्याय 12.274: मोक्षके साधनका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उत्थानेन जयेत् तन्द्रीं वितर्कं निश्चयाज्जयेत्।
मौनेन बहुभाष्यं च शौर्येण च भयं त्यजेत्॥ ११॥
अनुवाद
आलस्य को उद्योग से और विपरीत तर्कों को शास्त्रों पर दृढ़ श्रद्धा से जीतो, अधिक बोलने की आदत को मौन से और भय को वीरता से त्याग दो॥11॥
Overcome laziness with industry and contrary arguments with firm faith in the scriptures, abandon the habit of speaking too much through silence and fear through bravery. 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥