Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.271.7: महाबाहु मेघ को देखते ही ब्राह्मण के मन में उसके प्रति भक्ति उत्पन्न हो गई और वह सोचने लगा कि यह मेघ अवश्य ही मेरा कल्याण करेगा; क्योंकि इसका शरीर ऐसे गुणों से युक्त है॥7॥ | mahabharat अध्याय 12.271: धन और काम-भोगोंकी अपेक्षा धर्म और तपस्याका उत्कर्ष सूचित करनेवाली ब्राह्मण और कुण्डधार मेघकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबाहु मेघ को देखते ही ब्राह्मण के मन में उसके प्रति भक्ति उत्पन्न हो गई और वह सोचने लगा कि यह मेघ अवश्य ही मेरा कल्याण करेगा; क्योंकि इसका शरीर ऐसे गुणों से युक्त है॥7॥
As soon as the Brahmin saw the mighty-armed cloud, devotion for him arose in his mind and he started thinking that this cloud will surely do good to me; because his body is blessed with such characteristics. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥