Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.271.43: तब कुण्डधार ने ब्राह्मण से कहा - 'हे ब्राह्मण! तुम्हें उत्तम दिव्य दृष्टि प्राप्त है; अतः तुम अपनी आँखों से देख सकते हो कि राजा किस गति को प्राप्त होते हैं और किन-किन लोकों में जाते हैं।'॥43॥ | mahabharat अध्याय 12.271: धन और काम-भोगोंकी अपेक्षा धर्म और तपस्याका उत्कर्ष सूचित करनेवाली ब्राह्मण और कुण्डधार मेघकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब कुण्डधार ने ब्राह्मण से कहा - 'हे ब्राह्मण! तुम्हें उत्तम दिव्य दृष्टि प्राप्त है; अतः तुम अपनी आँखों से देख सकते हो कि राजा किस गति को प्राप्त होते हैं और किन-किन लोकों में जाते हैं।'॥43॥
Then Kundadhara said to the Brahmin, 'O Brahmin! You have got the best divine sight; therefore, you can see with your own eyes what state the kings attain and which worlds they go to.'॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥