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श्लोक  12.271.19 
कुण्डधार उवाच
यदि प्रसन्ना देवा मे भक्तोऽयं ब्राह्मणो मम।
अस्यानुग्रहमिच्छामि कृतं किंचित् सुखोदयम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
कुण्डधर ने कहा, "यह ब्राह्मण मेरा भक्त है। यदि देवता मुझसे प्रसन्न हैं तो मैं इस पर उनका आशीर्वाद चाहता हूँ ताकि इसे भविष्य में कुछ सुख प्राप्त हो।"
 
Kunddhar said, "This Brahmin is my devotee. If the gods are pleased with me, then I want their blessings on him so that he may get some happiness in the future."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)