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श्लोक  12.271.17 
पश्यतामथ यक्षाणां कुण्डधारो महाद्युति:।
निपत्य पतितो भूमौ देवानां भरतर्षभ॥ १७॥
 
 
अनुवाद
वहाँ यक्षों के सामने, देवताओं के सामने, अत्यंत तेजस्वी कुण्डधर ने भूमि पर अपना सिर झुकाया।
 
There, in front of the Yakshas, ​​the very illustrious Kundadhara bowed his head on the ground before the gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)