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श्लोक  12.271.15 
मणिभद्रं स तत्रस्थं देवतानां महाद्युतिम्।
अपश्यत महात्मानं व्यादिशन्तं युधिष्ठिर॥ १५॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! उन्होंने देखा कि महाबली यक्षराज मणिभद्र वहाँ उपस्थित हैं और देवताओं के समक्ष अनेक याचक प्रस्तुत कर रहे हैं।
 
Yudhishthira! He saw that the mighty Yaksha king Manibhadra was present there and was presenting various petitioners before the gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)