Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.271.10: इससे मेघ कुछ ही देर में संतुष्ट हो गया और उसने ब्राह्मण की सहायता करने की अपनी नित्य प्रवृत्ति को दर्शाते हुए निम्नलिखित वचन कहे - ॥10॥ | mahabharat अध्याय 12.271: धन और काम-भोगोंकी अपेक्षा धर्म और तपस्याका उत्कर्ष सूचित करनेवाली ब्राह्मण और कुण्डधार मेघकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इससे मेघ कुछ ही देर में संतुष्ट हो गया और उसने ब्राह्मण की सहायता करने की अपनी नित्य प्रवृत्ति को दर्शाते हुए निम्नलिखित वचन कहे - ॥10॥
Due to this the cloud became satisfied in a short time and he said the following words indicating his regular inclination towards helping the brahmin - ॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥