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सर्वं विदुर्वेदविदो वेदे सर्वं प्रतिष्ठितम्।
वेदे हि निष्ठा सर्वस्य यद् यदस्ति च नास्ति च॥ ४३॥
अनुवाद
वेदों का ज्ञान रखने वाला मनुष्य सभी विषयों को जानता है, क्योंकि सब कुछ वेदों में स्थापित है। जो वस्तुएँ हैं और जो नहीं हैं, उन सबकी स्थिति वेदों में बताई गई है। ॥43॥
A person having knowledge of Vedas knows all the subjects because everything is established in Vedas. The state of all the things which exist and which do not exist is mentioned in Vedas. ॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥