Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.270.38: कपिलजी बोले - कर्म स्थूल और सूक्ष्म शरीर को शुद्ध करता है, किन्तु ज्ञान ही परम मोक्ष है। जब कर्म द्वारा मन के आसक्ति आदि दोष जल जाते हैं, तब मनुष्य ज्ञान में स्थित हो जाता है, जो आनंद का सार है ॥38॥ | mahabharat अध्याय 12.270: स्यूमरश्मि-कपिल-संवाद—चारों आश्रमोंमें उत्तम साधनोंके द्वारा ब्रह्मकी प्राप्तिका कथन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कपिलजी बोले - कर्म स्थूल और सूक्ष्म शरीर को शुद्ध करता है, किन्तु ज्ञान ही परम मोक्ष है। जब कर्म द्वारा मन के आसक्ति आदि दोष जल जाते हैं, तब मनुष्य ज्ञान में स्थित हो जाता है, जो आनंद का सार है ॥38॥
Kapilji said - Karma purifies the gross and subtle body, but knowledge is the ultimate salvation. When the defects like attachment etc. of the mind are burnt by Karma, then man becomes situated in the knowledge which is the essence of bliss. ॥ 38॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥