Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.270.2-3: शब्द ब्रह्म में पारंगत (वैदिक अनुष्ठानों से जिसका मन शुद्ध हो गया है) मनुष्य परब्रह्म को प्राप्त करता है। माता-पिता जिस शिशु को जन्म देते हैं, उसके शरीर पर वैदिक अनुष्ठानों द्वारा अनुष्ठान करते हैं। इस प्रकार, जिसका शरीर वैदिक अनुष्ठानों से शुद्ध हो जाता है, वही ब्रह्मज्ञान का अधिकारी होता है। अब मैं तुम्हें अपनी बुद्धि के अनुसार बता रहा हूँ कि किस प्रकार कर्म ही शाश्वत मोक्ष-आनंद की प्राप्ति का कारण हैं। | mahabharat अध्याय 12.270: स्यूमरश्मि-कपिल-संवाद—चारों आश्रमोंमें उत्तम साधनोंके द्वारा ब्रह्मकी प्राप्तिका कथन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शब्द ब्रह्म में पारंगत (वैदिक अनुष्ठानों से जिसका मन शुद्ध हो गया है) मनुष्य परब्रह्म को प्राप्त करता है। माता-पिता जिस शिशु को जन्म देते हैं, उसके शरीर पर वैदिक अनुष्ठानों द्वारा अनुष्ठान करते हैं। इस प्रकार, जिसका शरीर वैदिक अनुष्ठानों से शुद्ध हो जाता है, वही ब्रह्मज्ञान का अधिकारी होता है। अब मैं तुम्हें अपनी बुद्धि के अनुसार बता रहा हूँ कि किस प्रकार कर्म ही शाश्वत मोक्ष-आनंद की प्राप्ति का कारण हैं।
The man who is well versed in Shabda Brahma (whose mind has become pure by performing Vedic rituals) attains Parabrahma. The father and mother perform rituals on the body of the child which they give birth to through Vedic rituals. Thus, the one whose body becomes pure through Vedic rituals is the one who is eligible for Brahma Gyan. Now I am telling you according to my wisdom that how karmas are the reason for attaining eternal salvation-bliss.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥