Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.270.15: इस प्रकार पूर्वकाल में बहुत से ब्राह्मण यज्ञ करते थे। वे वेदों के ज्ञान में निपुण, पवित्र, गुणवान और प्रसिद्ध थे॥15॥ | mahabharat अध्याय 12.270: स्यूमरश्मि-कपिल-संवाद—चारों आश्रमोंमें उत्तम साधनोंके द्वारा ब्रह्मकी प्राप्तिका कथन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं बहुविधा विप्रा: पुराणा यज्ञवाहना:।
त्रैविद्यवृद्धा: शुचयो वृत्तवन्तो यशस्विन:॥ १५॥
अनुवाद
इस प्रकार पूर्वकाल में बहुत से ब्राह्मण यज्ञ करते थे। वे वेदों के ज्ञान में निपुण, पवित्र, गुणवान और प्रसिद्ध थे॥15॥
In this manner many Brahmins used to perform Yajnas in the past. They were advanced in the knowledge of the Vedas, were pious, virtuous and famous.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥