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स्वयं मृत्युं रक्षमाण: पाञ्चाल्यं य: शिखण्डिनम्।
न बाणै: पातयामास सोऽर्जुनेन निपातित:॥ ११॥
अनुवाद
जिन्होंने अपने लिए मृत्युरूप में आए हुए पांचाल राजकुमार शिखण्डी की स्वयं रक्षा की और उसे अपने बाणों से नहीं मारा, वही पितामह अर्जुन के द्वारा मारे गए ॥11॥
The one who personally protected the Panchala prince Shikhandi who had come as death for him and did not kill him with his arrows, that very grandfather was killed by Arjun. ॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥