Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.269.66: यदि इन सब कठिन कार्यों को करने पर भी किसी को मोक्ष की प्राप्ति न हो, तो कर्ता को धिक्कार है। उसके कर्म को धिक्कार है। और इसमें किया गया परिश्रम व्यर्थ हो गया ॥66॥ | mahabharat अध्याय 12.269: प्रवृत्ति एवं निवृत्तिमार्गके विषयमें स्यूमरश्मि-कपिल-संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद्येतदेवं कृत्वापि न विमोक्षोऽस्ति कस्यचित्।
धिक् कर्तारं च कार्यं च श्रमश्चायं निरर्थक:॥ ६६॥
अनुवाद
यदि इन सब कठिन कार्यों को करने पर भी किसी को मोक्ष की प्राप्ति न हो, तो कर्ता को धिक्कार है। उसके कर्म को धिक्कार है। और इसमें किया गया परिश्रम व्यर्थ हो गया ॥66॥
If someone does not achieve salvation even after doing all these difficult tasks, then shame on the doer. Shame on his work. And the hard work done in this has gone in vain. ॥ 66॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥