Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.269.6: जैसे सभी जीव माता की गोद में आश्रय लेकर जीवित रहते हैं, वैसे ही अन्य सभी आश्रम गृहस्थाश्रम में आश्रय लेकर जीवित रहते हैं॥6॥ | mahabharat अध्याय 12.269: प्रवृत्ति एवं निवृत्तिमार्गके विषयमें स्यूमरश्मि-कपिल-संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यथा मातरमाश्रित्य सर्वे जीवन्ति जन्तव:।
एवं गार्हस्थ्यमाश्रित्य वर्तन्त इतराश्रमा:॥ ६॥
अनुवाद
जैसे सभी जीव माता की गोद में आश्रय लेकर जीवित रहते हैं, वैसे ही अन्य सभी आश्रम गृहस्थाश्रम में आश्रय लेकर जीवित रहते हैं॥6॥
Just as all living beings survive by taking shelter in the mother's lap, similarly, all other ashrams are sustained by taking shelter in the grihastha-ashram.॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥