Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.269.50: ज्ञान का पालन करने वाले के समस्त सांसारिक बंधनों को ज्ञान नष्ट कर देता है। ज्ञान के बिना कोई भी प्रवृत्ति लोगों को जन्म-मरण के चक्र में डालकर उनका नाश कर देती है ॥50॥ | mahabharat अध्याय 12.269: प्रवृत्ति एवं निवृत्तिमार्गके विषयमें स्यूमरश्मि-कपिल-संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ज्ञानं प्लावयते सर्वं यो ज्ञानं ह्यनुवर्तते।
ज्ञानादपेत्य या वृत्ति: सा विनाशयति प्रजा:॥ ५०॥
अनुवाद
ज्ञान का पालन करने वाले के समस्त सांसारिक बंधनों को ज्ञान नष्ट कर देता है। ज्ञान के बिना कोई भी प्रवृत्ति लोगों को जन्म-मरण के चक्र में डालकर उनका नाश कर देती है ॥50॥
Knowledge destroys all the worldly bonds of the one who follows knowledge. Any tendency without knowledge ruins the people by throwing them into the cycle of birth and death. ॥ 50॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥