श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 268: स्यूमरश्मि और कपिलका संवाद—स्यूमरश्मिके द्वारा यज्ञकी अवश्यकर्तव्यताका निरूपण  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  12.268.36 
न तस्य त्रिषु लोकेषु परलोकभयं विदु:।
इति वेदा वदन्तीह सिद्धाश्च परमर्षय:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
ऐसा पुरुष तीनों लोकों में किसी प्राणी से नहीं डरता। ऐसा समस्त वेद और सिद्ध महर्षि भी कहते हैं ॥36॥
 
Such a person is not afraid of any creature in the three worlds. All the Vedas and Siddha Maharshis also say this. ॥ 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)